Best Moral Stories For Kids And Children in Hindi

Best Moral Stories or Kahani For Kids And Children in Hindi,

Best Moral Stories For Kids And Children in Hindi
Best Moral Stories For Kids And Children in Hindi

एक समय की बात है पानीपत के एक शहर मै एक व्यापारी रहता था | उसके परिवार मैं उसकी पत्नी और  प्यारी सी एक बेटी थी उसकी बेटी नाम टीना था | टीना अपने माता पिता की बहुत लाड़ली थी 

 कुछ दिनों बाद ही टीना का Birthday आने वाला था और उसके माता पिता उसके Birthday मनाने की तैयारी कर रहे थे 
जब टीना के Birthady का दिन आता है और टीना को पता होता है की आज उसका जन्मदिन है उस दिन वो सुबह जल्दी उठती है और अपने ममी पापा को Good Morning करती है फिर टीना की ममी टीना से कहती है टीना बेटी तुम अभी तक स्कूल के तैयार नहीं हुई चलो बेटी आज तुन्हे स्कूल जाना है जल्दी से तैयार हो जाओ |

फिर टीना को लगता है उसके ममी पापा उसका जन्मदिन भूल गए इसलिए वह तैयार होकर स्कूल के लिए निकल पड़ती है

टीना के ममी पापा उसे सरप्राइज देना चाहते थे इसलिए उन्होंने टीना के सामने जन्मदिन याद न होने का नाटक किया फिर उसके स्कूल जाने के बाद टीना के ममी पापा उसके Birthday Party की तैयारी मैं लग जाते है

दोपहर जब टीना स्कूल से घर वापस आती है और जैसे ही घर का दरवाजा खोलती है वह देखती है की उसके सामने उसके घर मैं  कुछ लोग खड़े रहते है जो की टीना को एक साथ उसे "Surprise " बोलते है टीना सभी को एक साथ और अपने घर की सजावट देखकर हैरान रह जाती है टीना को Birthday Surprise बहुत पसंद आता है  वह बहुत खुस होती है

फिर सभी एक साथ बोलते है Happy Birthday टीना उसके बाद सब एक एक करके टीना को Birthday Gift देते है टीना की माँ उसका  Birthday Cake लाती है फिर टीना उस केक को काटती है और सभी लोग खाना और केक का आनद लेते है

थोड़ी देर बाद शाम हो जाती है और सभी लोग अपने अपने घर चले जाते है फिर टीना अपने ममी पापा को Thank You के साथ कहती है मुझे Birthday Surprise बहुत पसंद आया फिर टीना के ममी पापा उसे एक और गिफ्ट देते है जो को एक खिलौना Teddy Beer होता है टीना वह Gift पाकर और भी बहुत खुस होती है

वही टीना की ममी घर की साफ़ सफाई मै लग जाती है और घर का सारा कचरा एक पॉलीथिन (प्लास्टिक बैग )  मै इकठा कर लेती है और टीना के पापा से कहती है सुनिए जी सुबह ऑफिस जाते समय इस पॉलीथिन को रास्ते मै नदी मै फेक देना और टीना भी ये बात सुन लेती है

क्युकी टीना भी दिनभर से बहुत थकी हुई होती है इसलिए वह अपने कमरे मैं जाकर सो जाती है गहरी नींद मैं टीना को एक सपना आता है सपने मैं स्कूल जाने के लिए निकल ही रही थी की उसकी ममी उसे रोकते हुवे आवाज देती है और कहती है टीना बीटा तुम्हारे पापा सुबह ऑफिस के लेट हो रहे थे इसलिए कचरे की थैली  यही भूल गये इसलिए रास्ते मई जाते समय तुम इस थैले को नदी मै फेक देना और टीना वह कचरे  की थैली लेकर स्कूल के लिए निकल पड़ती है और रास्ते मैं एक नदी के किनारे रुकती है टीना वह थैली नदी मई फेक देती है टीना थैली फेककर वहा से जा ही रही थी के उसे वह किसी के रोने की आवाज़ आती है टीना ने इधर उधर देखा थो उसे कोई नजर नहीं आता फिर वह बोलती है कौन है वहा टीना के ऐसे बोलते ही एक स्त्री टीना के सामने सिसकिया भरते हुवे प्रकट होती है उसे देखकर टीना उसे पूछती है

टीना :-आप कौन है और आप रो क्यों रही है
नदी :- तुम मुझे भूल गयी टीना अभी तो तुमने मुझे इतना कष्ट पहुंचाया है

टीना को कुछ समझ नहीं आता वह हैरान होकर पूछती है आप कौन है क्या मैं आप को जानती हूँ

नदी :-  मैं नदी हु वही नदी जिसे दूषित कर सभी लोग भूल जाते है

टीना :- क्या सच मैं आप नदी है मुझे विशवास नहीं हो पर रहा है की मैं आप को देख सकती हु

नदी :- मैं सब की प्यास बुझाती हु मुझे भी पीड़ा महसूस होती है न जाने कितने वर्षो से लोग मुझे दूषित करते आ रहे है
टीना चुपचाप उस नदी की बाद सुनती रहती है

नदी :- यु तो तुम मुझे माँ कहते हो और अपनी माँ के निर्मल आँचल को निरंतर गन्दा किये जा रहे हो तुमने तो बड़े बड़े मकान और इमारते बना ली और उन इमारतों का कचरा मुझ मैं दाल दिया क्या तुमने कभी नहीं सोचा मुझे इसी तरह गन्दा करते रहोगे तो पिने के लिए स्वच्छ जल कहा से लाओगे  मेरी बहने गंगा यमुना कावेरी और गोमती भी आज यही पीड़ा झेल रही है

ये सुनकर टीना बड़ी ही हैरानी से पूछती है
 टीना :- क्या सच मच आप की तरह दूसरी नदियाँ भी मेली हो रही है

नदी :- और नहीं तो क्या धार्मिक उत्सवों के दोहरान लोग मुझे मैं मूर्ति विषर्जन कर अपने आप को बहुत धन्य मानते है क्या तुमने सोचा उन मूर्तियों के कारण मुझ पर निर्भर किटंर ही जलीय जिव और पेड़ पौधे नष्ट हो जाते है

नदी की बात सुनकर टीना का ह्रदय कांप उठता है और उसे के मुँह से इतना ही निकलता है
टीना :- ओह्ह्ह

नदी :- मुझ मैं स्नान करके तुम तो पवित्र हो जाते हो और मुझे अपवित्र कर देते हो मैं फिर भी तुमसे कुछ नहीं कहती |

ये सब सुनकर टीना के आँखों से आंसू निकलने लगते है ओर वह रोते  हुए कहती है
टीना :- प्लीज हम्हे माफ़ करदो हम आगे से आप को दूषित नहीं करेंगे

ये सुनकर नदी की आत्मा गायब हो जाती है  और टीना अपने सपने से बाहर आ जाती है  रीना जब उठी तब सवेरा हो चूका था  वह अपने कमरे से बहार आती है तो देखती है उसकी माँ वही कचरे की थैली उसके पापा  को पकड़ा रही होती है टीना अपनी माँ के हाथो से वह थैली छिनती है और कहती है

टीना :- नहीं माँ अबसे हम अपने घर का कचरा नदी मैं डालकर उसे गन्दा नहीं करेंगे

टीना फिर अपने सपने वाली बात अपने ममी पापा को बताती है की उस नदी ने उससे क्या क्या बात की |
टीना की बात सुनकर उसके ममी पापा बहुत खुस होते है और उससे वादा करते है की वह आगे से कभी भी नदी को दूषित नहीं करेंगे |

Thanks For Reading Best Moral Stories or Kahani For Kids And Children in Hindi आशा करते है आपको ये स्टोरी पसंद आयी होगी  

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